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बेमौसम बारिश

फलों का राजा कहलाने वाले आम को बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से लाखों का हुआ नुकसान

फलों का राजा कहलाने वाले आम को बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से लाखों का हुआ नुकसान

जैसा कि हम जानते हैं, कि किसानों की जिंदगी कठिनाइयों और समस्याओं से भरी रहती है। कभी प्राकृतिक आपदा तो कभी फसल का समुचित मूल्य ना मिल पाना। इतना ही नहीं मौसमिक अनियमितता के चलते किसानों की फसल कीट एवं रोगों की भी काफी हद तक ग्रसित होने की आशंका रहती है। बेमौसम बारिश एवं ओलावृष्टि की मार पड़ रही है। उत्तर प्रदेश एवं ओड़िशा सहित बहुत सारे राज्यों में बारिश की वजह से किसानों की आम की फसलें काफी हद तक चौपट हो चुकी है। बेमौसम बरसात ने किसान भाइयों की फसल को काफी हद तक हानि पहुंचाई है। किसानों का लाखों का नुकसान होने के चलते किसान बेहद दुखी दिखाई दे रहे हैं। वर्तमान में राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश से लेकर बाकी राज्यों में बारिश की वजह से गेहूं, सरसों की फसल को नुकसान हुआ था। परंतु, सिर्फ अनाज एवं सब्जियां ही नहीं, फलों को भी मोटा नुकसान हुआ है। भारत के विभिन्न राज्यों में बेमौसम बारिश के साथ ओलावृष्टि से आम काफी क्षतिग्रस्त हुआ है। किसान प्रदेश सरकार से मुआवजे की गुहार कर रहे हैं।

उत्तर प्रदेश में भी आम के बागों पर काफी बुरा असर पड़ा है

उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में आम के बागों पर बारिश के साथ ओलावृष्टि का दुष्प्रभाव देखने को मिल रहा है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है, कि इस मौसम में चित्रकूट में आम के पेड़ों पर बौर दिखाई देने लगती थी। हालाँकि, परिवर्तित एवं खराब हुए मौसम के चलते आम के पेड़ों से बौर ही छिन सी गई है। बेमौसम बारिश की वजह जो नमी उत्पन्न हुई है। इससे आम के फल में रोग भी आने लग गया है। स्थानीय किसानों का कहना है, कि बेमौसम बारिश की वजह 4 से 5 लाख रुपये की हानि हुई है।

ओड़िशा में भी आम की फसल चौपट हो गई है

आपकी जानकारी के लिए बतादें, कि ओड़िशा में भी बारिश का प्रभाव आम पर देखने को मिल रहा है। ओडिशा के अंदर पूर्व में हुई बेमौसम बारिश एवं हाल ही में हुई अचानक तापमान में वृद्धि की वजह से आम की पैदावार काफी बुरी तरह प्रभावित हुई है। प्रदेश के कोरापुट जनपद में 70 प्रतिशत तक आम की फसल खराब हो गयी है। व्यापारी प्रदेश की खपत पूर्णतय सुनिश्चित करने के लिए अन्य राज्यों से आम मंगा रहे हैं। सेमिलीगुडा, लक्ष्मीपुर, कुंद्रा, दसमंतपुर, जेपोर और बोरिगम्मा क्षेत्रों में भी आम की फसल काफी ज्यादा प्रभावित हुई है। व्यापारियों ने बताया है, कि इस वर्ष प्रदेश में कम खपत का अंदाजा है। इसी वजह से आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ से भी व्यापारी आम खरीद रहे हैं। ये भी पढ़े: अल्फांसो आम की पैदावार में आई काफी गिरावट, आम उत्पादक किसान मांग रहे मुआवजा

बेमौसम बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि ने किसान की उम्मीदों पर पानी फेर दिया

विगत कई वर्षों से किसानों को मौसमिक मार की वजह से काफी नुकसान वहन करना पड़ रहा है। इस संबंध में किसानों का कहना है, कि इस बार उन्हें अच्छी फसल उपज की संभावना थी। लेकिन बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि की वजह से किसानों की उमीदों पर पानी फिर गया है। फसलों को कुछ कच्चा काटा जा सकता है। लेकिन, आम की भौर का किसान कुछ कर भी नहीं सकते हैं। ऐसी स्थिति में किसानों की हुई हानि की भरपाई नहीं हो सकेगी।
इस राज्य सरकार ने किया ऐलान, बेमौसम बारिश की मार से बचेंगे किसान

इस राज्य सरकार ने किया ऐलान, बेमौसम बारिश की मार से बचेंगे किसान

सरकार की तरफ से गीले चावल को इकठ्ठा करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, एक भी दाना भी खराब किए बिना शीघ्र अतिशीघ्र धान का संग्रह पूर्ण कर लेंगे। निरंतर बेमौसम बारिश के चलते किसानों को भारी हानि हो रही है। ऐसी स्थिति में राज्य सरकारें किसानों को राहत पहुँचाने की घोषणा कर रही हैं। इसी कड़ी में तेलंगाना का भी नाम भी शामिल हो गया है। तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव का कहना है, कि किसानों को इस बात की फिकर करने की कोई आवश्यकता नहीं है।​ फसल बर्बाद होने पर उनकी क्षति का क्या होगा? मुख्यमंत्री का कहना है, कि इस बारे में सरकार द्वारा पहले ही तैयारी कर ली है। किसानों को जितना धन सामान्य धान के लिए प्रदान किया जाता है। समान धन उस धान के लिए भी दिया जाएगा, जो प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित हुई है।

मुख्यमंत्री ने कृषि से संबंधित समीक्षा बैठक की है

साथ ही, इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री द्वारा कृषि विभाग को इस बात का भी अध्ययन करने के लिए बोला गया है, कि ऐसी कौन-सी नीति बनाई जाए, जिससे बेमौसम बारिश के मध्य यासंगी धान की कटाई मार्च से पूर्व ही की जा सके। साथ ही, केसीआर का किसानों को मशवरा है, कि बेमौसम बारिश के चलते तीन-चार दिन कटाई ना की जाए। आपकी जानकारी के लिए बतादें, कि मुख्यमंत्री ने कृषि से जुड़ी समीक्षा बैठक भी की थी। ये भी पढ़े: बेमौसम बरसात से हुए नुकसान का किसानों को मिलेगा मुआवजा, सरकार ने जारी किए करोड़ों रुपये

अनाज की बर्बादी नहीं होने देंगे

राज्य सरकार की ओर से ओलावृष्टि से बर्बाद होने वाली फसल के मुआवजे के रुप में किसानों को 10 हजार प्रति एकड़ प्रदान किया जा रहा है। इस बार सरकार की ओर से गीले चावल को एकत्रित करने का निर्णय किया है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, एक दाना भी खराब किए बिना शीघ्र अतिशीघ्र धान का संग्रह पूर्ण कर लिया जाएगा। नागरिक आपूर्ति विभाग के कमिश्नर अनिल कुमार ने सीएम केसीआर को जानकारी दी कि बेमौसम वर्षा के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। परंतु, अनाज एकत्रित होना शीघ्र पूर्ण हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग और किसानों को बदलते मौसम से सबक लेने को कहा ​है। साथ ही, जागरुकता फैलाने की भी बात कही है। उन्होंने किसानों को चावल की जल्दी रोपाई करने को कहा, जिससे धान की कटाई मार्च के माह तक संपन्न हो पाए।

सीएम ने अधिकारियों को किसानों के लिए समयानुसार अलर्ट जारी करने को कहा है

मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग को और वैज्ञानिक तौर पर अध्ययन करने को कहा है। साथ ही, किसानों में जागरुकता फैलाने के लिए भी बोला है। प्राकृतिक आपदा को लेकर पूर्णतय सतर्क रहने एवं किसानों को समयानुसार जानकारी देने के साथ उनमें जागरुकता उत्पन्न करने का भी निर्देश दिया है। उन्होंने कहा है, कि अधिकारी वक्त-वक्त पर किसानों के लिए अलर्ट जारी करते रहें। मुख्यमंत्री का कहना है, कि कृषि विभाग को लोअर लेवल से हाई लेवल तक के अधिकारियों व कर्मचारियों समेत और ज्यादा गतिशील रूप से कार्य करने के साथ-साथ राज्य सरकार की कृषि नीतियों एवं उद्देश्यों को बेहतरीन ढ़ंग से समझने की जरूरत है।